Explanation : गणेश जी का बायां दांत टूटा है। जिसके कारण गणेशजी को एकदंत कहा जाता है। एकदंत शब्द में दो शब्दों का संयोग है। एक का अर्थ है ‘माया’ और दंत का अर्थ है ‘मायिक’। यानी माया और मायिक का संयोग होने के कारण गणेश जी एकदंत कहलाते हैं। ‘एकशब्दात्मिका माया, तस्याः सर्वसमुद्भवम्। दंतः सत्ताधरस्तत्र, मायाचालक उच्यते।।’
गणेशजी का एक दांत टूटने के प्रचलित कथा के अनुसार, एक दिन विष्णु अवतार परशुरामजी भगवारन शिवजी के मिलने कैलाश पर्वत पहुंचे। भगवान गणेश ने परशुराम को शिवजी से मिलने से रोक दिया। कारण, उस समय शिवजी विश्राम कर रहे थे। इसी बात क्रोधित होकर परशुराम ने अपने फरसे से गणेशजी का दांत काट दिया था। गणेशजी परशुराम के हमले को रोक भी सकते थे, लेकिन परशुराम के इस फरसे को शिवजी ने ही भेंट दिया था। फरसे का प्रहार खाली न जाए, इसीलिए गणेशजी ने इस वार को अपने दांत पर झेल लिया और बायां दांत टूट गया। इसके बाद गणेशजी का एक दांत होने की वजह से एकदंत कहलाए।
ऐसी ही एक अन्य कथा गजमुखासुर में गणेश जी के एकदंत होने मिलती हैं। गजमुखासुर असुर को यह वरदान प्राप्त था कि वह किसी अस्त्र-शस्त्र से नहीं मारा जा सकता। इसलिए गजमुखासुर देवताओं और ऋषियों को परेशान करने लगा। इस असुर को वश में करने के लिए गणेश जी को अपना एक दांत स्वयं ही तोड़ना पड़ा।....अगला सवाल पढ़े
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सात घोड़े की तस्वीर रविवार के दिन लगाना चाहिए, क्योंकि यह दिन सूर्य देवता का दिन माना गया है। इसी के साथ रविवार के दिन सूर्य मंत्रों का 108 बार जाप करने से जीवन में अवश्य ही लाभ मिलता है तथा सभी मनोकामना की पूर्ति होती है। सात दौड़ते हुए घोड़ों की तस ...Read More
हर महीने की शुक्ल चतुर्थी को विनायक जयंती तथा कृष्ण पक्ष चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं, जो गणपति के दो दिव्य जन्म और अवतरण का सूचक है। पहले जन्म में वह देहधारी विनायक हैं। दूसरे में वह हाथी का मस्तक धारण किए हुए श्री गणेश हैं। पुराणों के अनुसार ...Read More
ज्योतिष और खगोल शास्त्र के विद्वान पंडित सूर्यनारायण व्यास का जन्म 2 फरवरी, 1902 को उज्जैन में हुआ था। 1932 में एक लेख में भविष्य में आने वाले 300 भूकंपों की सूची प्रकाशित कर दी थी, जो समय के साथ सच साबित होते रहे। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, राजे ...Read More
ऐसे व्यक्ति, जिनका जन्म किसी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 9 बनता है। मूलांक 9 के स्वामी ग्रह मंगलहैं। ऐसे जातकों का अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति व व्यक्तित्व उन्हें सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। किसी भी कार्य में हार ना ...Read More
जिन व्यक्तियों का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक बनता है 8, जिसके स्वामी ग्रह हैं शनि। आने वाले वर्ष में अपने लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित करें और फिर उन्हें प्राप्त करने के लिए सभी पहलुओं पर विचार करते हुए अपनी प्रबंधन क् ...Read More
किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को जिनका जन्म हुआ है, उनका मूलांक बनता है सात। इस अंक के स्वामी ग्रह हैं केतु। आप स्वभाव से गंभीर प्रवृत्ति के, खोजी और दूरदृष्टि वाले व्यक्ति हैं। आपके मित्रों का दायरा सीमित होता है, लेकिन जिसे मित्र मानते हैं, उस ...Read More
जिस व्यक्ति के जन्म की तारीख किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख है, उनका मूलांक 6 बनता है। अंक छह के स्वामी ग्रह शुक्र हैं, जो वैभव, सौंदर्य, मिलनसारिता, संगीत कला नाट्य में रुचि प्रदान करते हैं। ये रुचियां इस साल आगे बढ़ेंगी। अपनी बुद्धिमता का प्रयो ...Read More
जिनका जन्म मई महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 5 बनता है। इसके स्वामी ग्रह बुध हैं। इस मूलांक वाले दृढ़ता और बुद्धिमत्ता के साथ अपने सभी कार्यों को करने में सफल रहते हैं। अपनी रचनात्मक क्षमता के कारण इन्हें इस साल लाभ होने वाला है। इ ...Read More
ऐसे व्यक्ति जिनका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या फिर 31 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 4 बनता है। इसके स्वामी ग्रह राहु हैं। अपने अनुशासन को आप बनाए रखेंगे। इस साल भी अपने काम पर फोकस करके आप कार्यों को पूरा कर पाएंगे। इस साल पैसा कुछ अधिक खर्च होग ...Read More