Explanation : छत्तीसगढ़ में प्रथम मजदूर आंदोलन (1920) के प्रणेता ठाकुर प्यारे लाल सिंह थे। वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तथा क्रांतिकारी थे। वे छत्तीसगढ़ में श्रमिक आंदोलन के सूत्रधार तथा सहकारिता आंदोलन के प्रणेता थे। छत्तीसगढ़ की प्रथम एवं सबसे बड़ी मजदूर हड़ताल/आंदोलन वर्ष 1920 में राजनान्दगांव में ठाकुर प्यारेलाल सिंह के नेतृत्व में किया गया था। इस आंदोलन का प्रमुख कारण मजदूरों से अधिक कार्य करवाना तथा वेतन कम देना था। इस आंदोलन की समयावधि 36 दिनों की थी। इस आंदोलन के दौरान प्रसिद्ध श्रमिक नेता वीवी गिरी राजनान्दगांव आए थे तथा मजदूरों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया था। 20 अक्टूबर 1954 को भूदान यात्रा के समय अस्वस्थ हो जाने से प्यारे लाल सिंह का निधन हो गया। छत्तीसगढ़ शासन ने उनकी स्मृति में सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 'ठाकुर प्यारेलाल सिंह सम्मान' स्थापित किया हुआ है।....अगला सवाल पढ़े
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Explanation : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा (Ramesh Sinha) है। राजभवन के दरबार हॉल में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने 30 मार्च 2023 को उन्हें शपथ दिलाई थी। उन्होंने जस्टिस अरुप कुमार गोस्वामी की जगह ली है, उ ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 33 जिले है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 2 सितंबर को 29वें जिले मोहला-मानपुर-चौकी और 3 सितंबर को दो और नये जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का शुभारंभ किया है। इसके साथ ही सारंगढ़-बि ...Read More
Explanation : भारत के मध्य भाग में स्थित यह पर्वत छत्तीसगढ़ व मध्यप्रदेश की सीमा में उपस्थित सतपुड़ा पर्वत श्रेणी का पूर्वी विस्तार है, यह महानदी अपवाह तंत्र तथा नर्मदा अपवाह तंत्र को अलग करता है। इसका विस्तार छतीसगढ़ के राजनांदगाव, कवर्धा, मु ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारम्भ 21 अक्टूबर, 2012 में हुआ था। इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा राशि ₹ 30 हजार से बढ़ाकर ₹ 50 हजार कर दी गई है। प्रारम्भ में इस योजना का नाम सर्वहित बीमा योजना था। इस योज ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ के राजिम को राज्य का प्रयाग कहा जाता है। राजिम मेला, राज्य का विशालतम मेला है। यह मेला माघ पूर्णिमा से प्रारम्भ होकर शिवरात्रि तक आयोजित किया जाता है। यह मेला लघु कुम्भ का रूप है, जो श्री राजीवलोचन कुम्भ के नाम से भी जा ...Read More
Explanation : तिलरी आभूषण गले में पहना जाता है। छत्तीसगढ़ के लोगों की अपनी परम्परागत सौन्दर्य पद्धति है। यहां की स्त्रियां विविध प्रकार के आभूषणों का प्रयोग अपने सौन्दर्य वृद्धि हेतु करती हैं। गले में पहना जाने वाला अन्य आभूषण सुता/सुतिया, हुल ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन है। छत्तीसगढ़ की मिट्टी सोयाबीन के लिए भी अच्छी उपजाऊ है। प्रोटीन एवं वसा की उच्च मात्रा होने के कारण यह एक अन्यत महत्वपूर्ण खाद्य तेल है। छत्तीसगढ़ के राजनान्दगांव, दुर्ग, विलासपुर एवं कवर्ध ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ राज्य की प्रथम बहुउद्देशय परियोजना हंसदो बांगों परियोजना है। यह परियोजना हसदो नदी पर मिनीमाता परियोजना स्थित है। यह परियोजना हसदेव बांगो (बांगो बाँध) परियोजना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हसदेव नदी पर बांगो गाँव में स्थि ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान है। इसकी स्थापना वर्ष 1981 में कोरिया व सूरजपुर जिलों में की गई। इसका क्षेत्रफल 1411 वर्ग किमी (टाइगर रिजर्व बनने के बाद 2799 वर्ग किमी) है। इस राष्ट्रीय उद्या ...Read More
Explanation : छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा राष्ट्रीय उद्यान कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान है। इसका क्षेत्रफल 200 वर्ग किमी है। इसका नाम कांगेर नदी के नाम पर रखा गया है, जो इस उद्यान के मध्य से होकर प्रवाहित होती है। इसे वर्ष 1982 में राष्ट्रीय उद्यान ...Read More
Web Title : Chhattisgarh Mein Pratham Majdur Aandolan Ke Praneta Kaun The