आईपीसी की धारा 44 क्या है- IPC Section 44 in Hindi
What is Section 44 of Indian Penal Code, 1860
January 17, 2019
भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 44 के अनुसार, ‘क्षति’ — ‘क्षति’ शब्द किसी प्रकार की अपहानि का द्योतक है, जो किसी व्यक्ति के शरीर, मन, ख्याति या सम्पत्ति को अवैध रूप से कारित हुई हो।
Useful for Exams : Central and State Government Exams
पुलिस (Police) का अर्थ ‘आरक्षी’ अथवा ‘आरक्षक’ होता है। अब एक अच्छी पुलिस की कल्पना करें, तो 'Police' शब्द के प्रत्येक अक्षर का यह अर्थ लगाया जा सकता है– P= Polite विनम्र, O = Obedience आज्ञाकारी, L = Liability जिम्मेदारी, I = Intelligent बुद्धिमान, C = Courageous साहसी और E = Efficient दक्ष। पुलिस हेतु आचार-संहिता भारत सरकार द्वारा वर्ष 1985 में बनाई गई। यह संहिता भारतीय पुलिस के प्रमुखों की कॉन्फ्रेंस द्वारा दी गई सिफारिशों पर आधारित थी। प्रारम्भ में संहिता में 12 नियम थे। नियम 12(ए) राष्ट्रीय ...read more
स्पैस एक्सप्लोरेशन टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन या स्पेस एक्स 2002 में एलेन मस्क द्वारा स्थापित एक अंतरिक्ष परिवहन कंपनी है, जिसका मुख्यालय हावथोर्न (कैलिफॉर्निया) में स्थित है। मई, 2012 में स्पेस एक्स अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र को सामान भेजने वाली प्रथम प्राइवेट कंपनी बन गई है।
फाल्कन-1 — यह स्पेस एक्स द्वारा निर्मित एक छोटा रॉकेट है। इस रॉकेट ने वर्ष 2009 में सफलतापूर्वक Razak Sat को प्रक्षेपित किया था।
ड्रैगन यह स्पेस एक्स का अंतरिक्ष यान है, जिसे फाल्कन प्रक्षेपण यान की मदद से कक्षा में ...read more
पीएम श्री स्कूल योजना (PM Shri School Yojna) : प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया योजना विद्यालयी शिक्षा प्रणाली का प्रोन्नयन कर विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 5 सितंबर, 2022 को शिक्षक दिवस के अवसर पर की थी। पीएम श्री (PM SHR-Pradhan Mantri School for Rising India) योजना के तहत् केंद्र/राज्य/केंद्रशासित क्षेत्र/स्थानीय निकाय की सरकारों द्वारा संचालित चुनींदा स्कूलों का राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पूरी भावना समा ...read more
भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 325 के अनुसार,
स्वेच्छया घोर उपहति कारित करने के लिए दंड – उस दशा के सिवाय, जिसके लिये धारा 335 मे उपबंध है, जो कोई स्वेच्छया घोर उपहति कारित करेगा, वह दोनों में से किसी भाँति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, और जुर्माने से भी दंडनीय होगा। ...read more